Description
प्रस्तुत संकलन में ज्ञानपीठ सम्मान से सम्मानित प्रख्यात लेखक श्री विनोद कुमार शुक्ल जी की 10 कालजयी पुस्तकें संकलित है :-
आकाश धरती को खटखटाता है
खिलेगा तो देखेंगे
वह आदमी नया गरम कोट पहिनकर चला गया विचार की तरह
महाविद्यालय
सब कुछ होना बचा रहेगा
कभी के बाद अभी
प्रतिनिधि कविताएँ : विनोद कुमार शुक्ल
नौकर की कमीज़
कविता से लंबी कविता
हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़















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