एक सैनिक की आस्था : धर्म से पहले राष्ट्रधर्म

Publisher:
Sabre & Quill
| Author:
कर्नल अजय कुमार रैना
| Language:
Hindi
| Format:
Paperback
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Sabre & Quill
Author:
कर्नल अजय कुमार रैना
Language:
Hindi
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Paperback

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मानवता एक कठिन समय से गुजर रही है। विश्वभर में व्याप्त स्थिति हमारे देश के नागरिकों पर भी अपना प्रभाव डाल रही है। लगभग ढेड़ अरब नागरिकों का घर और विश्व के चार महान धर्मों – हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म की जन्मभूमि होने के नाते, धार्मिक विश्वास और आस्था सामाजिक अस्तित्व का एक जटिल जाल बनाते हैं। इस्लाम और ईसाई धर्म जैसे दो प्रमुख धर्मों की वैश्विक उपस्थिति भारत में भी है। दुनिया के एक कोने में होने वाली घटनाऐं इस महान राष्ट्र के नागरिकों को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे हालात में, सशस्त्र बल धर्म निरपेक्षता के लिए खड़े हैं।

इस संस्करण को प्रकाशित करने का एक उद्देश्य लोगों का ध्यान सैनिकों द्वारा धर्म को मानने के तरीके और भगवान से पहले देश को प्राथमिकता देने की ओर आकर्षित करना है। अगर हर कोई सैनिकों द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलता है, तो जल्द ही बहुत कुछ बदल सकता है। यह आपके संग्रह में रखने योग्य है। एक अत्यधिक प्रतिभाशाली लेखक, स्वयं एक सैनिक द्वारा लिखा गया एक अद्भुत लेखन।

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मानवता एक कठिन समय से गुजर रही है। विश्वभर में व्याप्त स्थिति हमारे देश के नागरिकों पर भी अपना प्रभाव डाल रही है। लगभग ढेड़ अरब नागरिकों का घर और विश्व के चार महान धर्मों – हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म की जन्मभूमि होने के नाते, धार्मिक विश्वास और आस्था सामाजिक अस्तित्व का एक जटिल जाल बनाते हैं। इस्लाम और ईसाई धर्म जैसे दो प्रमुख धर्मों की वैश्विक उपस्थिति भारत में भी है। दुनिया के एक कोने में होने वाली घटनाऐं इस महान राष्ट्र के नागरिकों को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे हालात में, सशस्त्र बल धर्म निरपेक्षता के लिए खड़े हैं।

इस संस्करण को प्रकाशित करने का एक उद्देश्य लोगों का ध्यान सैनिकों द्वारा धर्म को मानने के तरीके और भगवान से पहले देश को प्राथमिकता देने की ओर आकर्षित करना है। अगर हर कोई सैनिकों द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलता है, तो जल्द ही बहुत कुछ बदल सकता है। यह आपके संग्रह में रखने योग्य है। एक अत्यधिक प्रतिभाशाली लेखक, स्वयं एक सैनिक द्वारा लिखा गया एक अद्भुत लेखन।

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