अमृत कुम्भ: हिन्दू भाव का मंगल कलश I Amrit Kumbh: Hindu Bhav Ka Mangal Kalash

Publisher:
Manjul Publishing House
| Author:
Abhijeet Singh
| Language:
Hindi
| Format:
Paperback
Publisher:
Manjul Publishing House
Author:
Abhijeet Singh
Language:
Hindi
Format:
Paperback

Original price was: ₹450.Current price is: ₹315.

In stock

Ships within:
This book is on PRE-ORDER, and it will be shipped within 1-4 days after the release of the book.
Note :
Price and release dates of pre-order books may change at the publisher's discretion before release.
ISBN:
Categories: ,
Page Extent:
308
‘अमृत कुम्भ’ उपन्यासात्मक शैली में रचा गया है, जिसमें कथा का केन्द्र एक युवक है, जो इसरो में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत है। एक अनपेक्षित अवसर उसे एक ऐसे विद्यालय में दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों से संवाद करने का मौका देता है, जिसकी फाउंडर का उद्देश्य बच्चों को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र से जोड़ना था, पर वो इसमें विफल रही थीं। अत: उस युवक के सामने चुनौती थी, बच्चों को उस उद्देश्य के लिए तैयार करना और वो इस चुनौती को स्वीकार करता है। वहाँ वो हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति, हिन्दू सभ्यता और राष्ट्र को लेकर बच्चों के मन में उठ रहे प्रश्नों और शंकाओं का समाधान करता है और हिन्दू धर्म पर उन्हें एक नवीन दृष्टि देता है। पुस्तक का नाम स्वामी विवेकानंद के उस विचार से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने हिन्दू सभ्यता को जीवित रखने वाले ‘अमृत कुम्भ’ का उल्लेख किया था, जिसे हिन्दुओं को दुनिया को देना है और जिसे दिए बना वो नष्ट नहीं हो सकता।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “अमृत कुम्भ: हिन्दू भाव का मंगल कलश I Amrit Kumbh: Hindu Bhav Ka Mangal Kalash”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Description
‘अमृत कुम्भ’ उपन्यासात्मक शैली में रचा गया है, जिसमें कथा का केन्द्र एक युवक है, जो इसरो में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत है। एक अनपेक्षित अवसर उसे एक ऐसे विद्यालय में दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों से संवाद करने का मौका देता है, जिसकी फाउंडर का उद्देश्य बच्चों को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र से जोड़ना था, पर वो इसमें विफल रही थीं। अत: उस युवक के सामने चुनौती थी, बच्चों को उस उद्देश्य के लिए तैयार करना और वो इस चुनौती को स्वीकार करता है। वहाँ वो हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति, हिन्दू सभ्यता और राष्ट्र को लेकर बच्चों के मन में उठ रहे प्रश्नों और शंकाओं का समाधान करता है और हिन्दू धर्म पर उन्हें एक नवीन दृष्टि देता है। पुस्तक का नाम स्वामी विवेकानंद के उस विचार से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने हिन्दू सभ्यता को जीवित रखने वाले ‘अमृत कुम्भ’ का उल्लेख किया था, जिसे हिन्दुओं को दुनिया को देना है और जिसे दिए बना वो नष्ट नहीं हो सकता।

About Author

अभिजीत सिंह, मुज़फ्फरपुर (बिहार) के निवासी हैं और अपने व्यावसायिक जीवन से इतर वे धर्म, संस्कृति और सभ्यतागत प्रश्नों के सजग एवं गंभीर अध्येता के रूप में पहचाने जाते हैं। वे जटिल अवधारणाओं को सहज भाषा में और आवश्यक होने पर विनोद तथा व्यंग्य के स्पर्श के साथ समझाने की विशिष्ट क्षमता रखते हैं। इसी कारण सोशल मीडिया पर विचारशील युवाओं के बीच उन्होंने एक स्वाभाविक स्थान बनाया है। उनकी पूर्व-प्रकाशित पुस्तक ‘इनसाइड द हिंदू मॉल’ को विशेष रूप से युवाओं ने सराहा, जहाँ हिन्दू परंपरा की आधारभूत अवधारणाओं को आधुनिक जीवन-धारणा के संदर्भ में सरलता से प्रस्तुत किया गया है। हिन्दू दर्शन के साथ-साथ इस्लाम, ईसाई मत और अन्य वैश्विक सभ्यताओं के तुलनात्मक अध्ययन ने उनकी दृष्टि को संतुलन, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता प्रदान की है। उनकी लेखन-शैली कई पाठकों को अंतर्दृष्टि-प्रधान और पूर्वानुमानशील प्रतीत होती है। ‘अमृत कुंभ’ अभिजीत की इन्हीं वैचारिक यात्राओं का विस्तार है।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “अमृत कुम्भ: हिन्दू भाव का मंगल कलश I Amrit Kumbh: Hindu Bhav Ka Mangal Kalash”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RELATED PRODUCTS

RECENTLY VIEWED