बवाली कनपुरिया : यूपी के दुर्दांत विकास दुबे की अपराधगाथा
Publisher:
| Author:
| Language:
| Format:
Publisher:
Author:
Language:
Format:
₹250 Original price was: ₹250.₹200Current price is: ₹200.
Out of stock
Ships within:
Out of stock
ISBN:
Page Extent:
गैंगस्टर विकास दुबे 10 जुलाई 2020 को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उसकी मौत से उसके जीवन की कहानी सामने आई और सामने आया चेहरा एक बेखौफ़ अपराधी, एक गैंगस्टर और एक हत्यारे का जिसने पुलिस अफसरों तक को न छोड़ा।
उनके ख़िलाफ अपराधों की लंबी फ़ेहरिस्त में शामिल है उसके अपने शिक्षक, सिद्धेश्वर पांडेय की दिन-दहाड़े हत्या करना, उत्तर प्रदेश के मंत्री संतोष शुक्ल का थाने में घुस कर क़त्ल कर देना और झुन्ना बाबा की हत्या के ज़रिए एक ऐसे भू-माफ़िया का ऐलान कर देना जिसकी पहुँच बहुत दूर तक और बहुत ऊपर तक जाती थी।
आखिर कैसे हुआ इस अपराधी का उदय? किन हालात में वह अपराधी बना और वो कौन सी ताक़तें थीं जिनकी वजह से इतने सालों तक बचा ही नहीं रहा बल्कि नेता तक बन गया।
बवाली कनपुरिया विकास दुबे के जीवन का ऐसा कच्चा-चिट्ठा है जो पड़ताल भी करता है की एक साधारण से परिवार का मेधावी बच्चा अपराधों के ऐसे गर्त में कैसे गिर गया कि वहाँ से फिर निकल नहीं पाया।
गैंगस्टर विकास दुबे 10 जुलाई 2020 को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उसकी मौत से उसके जीवन की कहानी सामने आई और सामने आया चेहरा एक बेखौफ़ अपराधी, एक गैंगस्टर और एक हत्यारे का जिसने पुलिस अफसरों तक को न छोड़ा।
उनके ख़िलाफ अपराधों की लंबी फ़ेहरिस्त में शामिल है उसके अपने शिक्षक, सिद्धेश्वर पांडेय की दिन-दहाड़े हत्या करना, उत्तर प्रदेश के मंत्री संतोष शुक्ल का थाने में घुस कर क़त्ल कर देना और झुन्ना बाबा की हत्या के ज़रिए एक ऐसे भू-माफ़िया का ऐलान कर देना जिसकी पहुँच बहुत दूर तक और बहुत ऊपर तक जाती थी।
आखिर कैसे हुआ इस अपराधी का उदय? किन हालात में वह अपराधी बना और वो कौन सी ताक़तें थीं जिनकी वजह से इतने सालों तक बचा ही नहीं रहा बल्कि नेता तक बन गया।
बवाली कनपुरिया विकास दुबे के जीवन का ऐसा कच्चा-चिट्ठा है जो पड़ताल भी करता है की एक साधारण से परिवार का मेधावी बच्चा अपराधों के ऐसे गर्त में कैसे गिर गया कि वहाँ से फिर निकल नहीं पाया।
About Author
Reviews
There are no reviews yet.

Reviews
There are no reviews yet.