Bharat Hum Sabka
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भारत आज संसार की तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बन चुकी है। यह निश्चय ही एक बड़ी उपलब्धि है। पर इसके साथ ही चौंकाने वाले कुछ आँकड़े भी हैं, जैसे सबसे अधिक गरीबों का देश—अनुमानत: 30 करोड़; साक्षरता भयानक रूप से कम—2011 में करीब 27 करोड़ लोग निरक्षर; स्वास्थ्य के मोर्चे पर विश्व के 40 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का घर है भारत।
अमरजीत सिन्हा, जो सामाजिक विकास के अध्येता रहे हैं और जिन्होंने सर्वशिक्षा अभियान एवं राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन जैसे कार्यक्रमों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ने इस पुस्तक में एक आर्थिक स्वप्न भी प्रस्तावित किया है—एक ऐसे भारत का, जो अपने सवा अरब से भी अधिक लोगों की क्षमताओं का संपूर्ण विकास कर, उनका पूरा उपयोग कर सफलता के नए शिखर छू सके।
वे मुख्य मुद्दों कुपोषण, स्वास्थ्य, कल्याण, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, गरीबों के लिए आजीविका और देश भर में लगातार शहरों के विकास की पड़ताल करते हैं। राजनीतिक और आर्थिक सुधारों के परे, यह पुस्तक उन मुद्दों को प्रस्तुत करती है, जो वास्तव में उसका आधार बनाते हैं, जहाँ हम पहुँचना चाहते हैं।
भारत आज संसार की तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बन चुकी है। यह निश्चय ही एक बड़ी उपलब्धि है। पर इसके साथ ही चौंकाने वाले कुछ आँकड़े भी हैं, जैसे सबसे अधिक गरीबों का देश—अनुमानत: 30 करोड़; साक्षरता भयानक रूप से कम—2011 में करीब 27 करोड़ लोग निरक्षर; स्वास्थ्य के मोर्चे पर विश्व के 40 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का घर है भारत।
अमरजीत सिन्हा, जो सामाजिक विकास के अध्येता रहे हैं और जिन्होंने सर्वशिक्षा अभियान एवं राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन जैसे कार्यक्रमों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ने इस पुस्तक में एक आर्थिक स्वप्न भी प्रस्तावित किया है—एक ऐसे भारत का, जो अपने सवा अरब से भी अधिक लोगों की क्षमताओं का संपूर्ण विकास कर, उनका पूरा उपयोग कर सफलता के नए शिखर छू सके।
वे मुख्य मुद्दों कुपोषण, स्वास्थ्य, कल्याण, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, गरीबों के लिए आजीविका और देश भर में लगातार शहरों के विकास की पड़ताल करते हैं। राजनीतिक और आर्थिक सुधारों के परे, यह पुस्तक उन मुद्दों को प्रस्तुत करती है, जो वास्तव में उसका आधार बनाते हैं, जहाँ हम पहुँचना चाहते हैं।
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