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Bhartiya Arthvyavastha 16th Edition (Latest)
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Bharat Ki Aantarik Suraksha ki Mukhya Chunautiyan

Publisher:
MCGRAW HILL EDUCATION
| Author:
IPS (retd) Ashok Kumar | DANIPS Vipul Anekant
| Language:
Hindi
| Format:
Paperback
Publisher:
MCGRAW HILL EDUCATION
Author:
IPS (retd) Ashok Kumar | DANIPS Vipul Anekant
Language:
Hindi
Format:
Paperback

Original price was: ₹360.Current price is: ₹288.

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7-10 Days

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ISBN:
Category:
Page Extent:
328

अशोक कुमार और विपुल अनेकांत द्वारा लिखित पुस्तक भारत की आंतरिक सुरक्षा की मुख्य चुनौतियां अभ्यर्थियों को देश की आंतरिक सामाजिक-राजनीतिक गतिशीलता की गहन समझ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जो विकास और उग्रवाद के प्रसार के बीच अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालती है। यूपीएससी/राज्य पीएससी के पाठ्यक्रमों के अनुरूप, यह पुस्तक आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के सभी पहलुओं को कवर करती है। इसका प्राथमिक उद्देश्य अभ्यर्थियों में विविध आंतरिक सुरक्षा मुद्दों की व्यापक समझ विकसित करना है।

इसमें प्रत्येक विषय को ऐतिहासिक संदर्भ और समकालीन महत्व के साथ स्पष्ट किया गया है, जिससे सूक्ष्म स्तर की समझ सुनिश्चित होती है। इसके अलावा, इसमें सोशल मीडिया और साइबर सुरक्षा से उत्पन्न आधुनिक चुनौतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी अंतर्निहित है। स्पष्ट एवं सरल भाषा में लिखी गई यह पुस्तक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए एक तैयार संदर्भ है। इसके छठे संस्करण में आंतरिक और बाहरी सुरक्षा उपायों संबंधी सरकारी नीतियों की गहन समझ विकसित करने वाले संशोधित अध्याय हैं।

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Description

अशोक कुमार और विपुल अनेकांत द्वारा लिखित पुस्तक भारत की आंतरिक सुरक्षा की मुख्य चुनौतियां अभ्यर्थियों को देश की आंतरिक सामाजिक-राजनीतिक गतिशीलता की गहन समझ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जो विकास और उग्रवाद के प्रसार के बीच अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालती है। यूपीएससी/राज्य पीएससी के पाठ्यक्रमों के अनुरूप, यह पुस्तक आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के सभी पहलुओं को कवर करती है। इसका प्राथमिक उद्देश्य अभ्यर्थियों में विविध आंतरिक सुरक्षा मुद्दों की व्यापक समझ विकसित करना है।

इसमें प्रत्येक विषय को ऐतिहासिक संदर्भ और समकालीन महत्व के साथ स्पष्ट किया गया है, जिससे सूक्ष्म स्तर की समझ सुनिश्चित होती है। इसके अलावा, इसमें सोशल मीडिया और साइबर सुरक्षा से उत्पन्न आधुनिक चुनौतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी अंतर्निहित है। स्पष्ट एवं सरल भाषा में लिखी गई यह पुस्तक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए एक तैयार संदर्भ है। इसके छठे संस्करण में आंतरिक और बाहरी सुरक्षा उपायों संबंधी सरकारी नीतियों की गहन समझ विकसित करने वाले संशोधित अध्याय हैं।

About Author

अशोक कुमार प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), दिल्ली से B.Tech और M.Tech के डिग्री प्राप्त है। 1989 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में अपनी यात्रा शुरू करने के बाद, उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई चुनौतीपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं, और प्रत्येक कार्य में अपनी तत्परता एवं सक्रियता का प्रदर्शन किया। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक के प्रतिष्ठित पद से सेवानिवृत्त होने के बाद, वर्तमान में वे मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स, राय, हरियाणा में कुलपति के पद पर कार्यरत हैं। अशोक कुमार ने प्रतिनियुक्ति के आधार पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) में अपनी विशेषज्ञता का योगदान दिया था। DIG की इस महत्वपूर्ण भूमिका से पहले, उन्होंने उत्तराखंड में खुफिया और सुरक्षा प्रमुख के साथ-साथ महानिदेशक, कानून और व्यवस्था के रूप में स्वयं को प्रतिष्ठित किया। उनकी असाधारण सेवा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता तब मिली जब कोसोवो में हुये 2001 के संघर्ष के दौरान उनकी समर्पित सेवा के लिए उन्हें संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया। उन्हें 2006 में सराहनीय सेवाओं के लिए भारतीय पुलिस पदक और 2013 में विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने खाकी में इंसान (Human in Khaki) नामक एक पथप्रदर्शक पुस्तक लिखी है, जिसे गृह मंत्रालय (MHA) के पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (BPR&D) से जी.बी. पंत पुरस्कार मिला। हाल ही में, उन्होंने दो और पुस्तके लिखी हैं- ‘क्रैकिंग सिविल सर्विसेज़ - द ओपन सीक्रेट’ और ‘एथिक्स, इंटीग्रिटी एंड एप्टीट्यूड’।

विपुल अनेकांत ने मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT), जयपुर से B. Tech की पढ़ाई पूरी की है। वे टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई के छात्र थे। वे 2012 में DANIPS में शामिल हुए। वर्तमान में, वे दिल्ली में गृह मंत्री सुरक्षा के पुलिस उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। इससे पहले, वे दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा के एसीपी और दादरा नगर हवेली और दमन व दीव के साथ एसपी, दीव द्वीप और एसडीपीओ-दमन/खानवेल के पद पर तैनात रह चुके हैं।

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