Description
मानस का हंस’, ‘खंजन नयन,’ ‘नाच्यौ बहुत गोपाल’, बूंद और समुद्र’, तथा ‘अमृत और विष’ जैसी बहुचर्चित और पुरस्कृत-सम्मानित कृतियों की शृंखला में यशस्वी उपन्यासकार अमृतलाल नागर ने इस उपन्यास- ‘बिखरे तिनके’ में अपनी विशिष्ट शैली में सर्वथा नवीनतम धरातल पर मानवीय संवेदना के जीते-जागते पात्र प्रस्तुत किए हैं और आज के समाज का यथार्थ चित्रण भी।





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