AcHardbackhhe  Aadami
AcHardbackhhe Aadami Original price was: ₹595.Current price is: ₹446.
Back to products
Rinjal Dhanjal
Rinjal Dhanjal Original price was: ₹199.Current price is: ₹198.

Ek Shravani Dophari Ki Dhoop

Publisher:
RajKamal
| Author:
Phaniswar Nath Renu
| Language:
Hindi
| Format:
Hardback
Publisher:
RajKamal
Author:
Phaniswar Nath Renu
Language:
Hindi
Format:
Hardback

Original price was: ₹595.Current price is: ₹446.

In stock

Ships within:
7-10 Days

In stock

ISBN:
Page Extent:
147

‘एक श्रावणी दोपहरी की धूप’ प्रख्यात कथाकार फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ की असंकलित कहानियों का संग्रह है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित ये प्रायः उनकी प्रारम्भिक रचनाएँ हैं, इसलिए इनका दोहरा महत्त्व है। एक ओर ये हमें उनकी रचनात्मक प्रतिभा के शैशव तक ले जाती हैं, तो दूसरी ओर समकालीन कथा-साहित्य में उस नयी कथा-प्रवृत्ति का उदयाभास कराती हैं जो बाद में उनकी अन्य महत्त्वपूर्ण कहानियों और उपन्यासों में परिपक्व हुई और जिसने एक समूचे कथायुग को प्रभावित किया। रेणु की कहानियाँ मानव-जीवन के प्रति गहन रागात्मकता का परिणाम हैं। वे उनके यथार्थ को समग्रता में पकड़ने और उसकी तरल त अभिव्यक्ति में विश्वास रखते हैं। हम उनके पात्रों के साथ-साथ उदास और उल्लसित हो उठते हैं। उनमें जो लोक-मानस का विस्तार है, जो रस और संगीत है, वह हमारे मानवीय संवेगों को गहराता है। इन कहानियों के माध्यम से वस्तुतः रेणु एक बार फिर हमें उस रचना-भूमि तक ले जाते हैं, जिसमें पहली बार नहायी धरती के सोंधेपन, बसन्त की मादकता और पसीने की अम्लीय गन्ध का अहसास होने लगता है।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Ek Shravani Dophari Ki Dhoop”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Description

‘एक श्रावणी दोपहरी की धूप’ प्रख्यात कथाकार फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ की असंकलित कहानियों का संग्रह है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित ये प्रायः उनकी प्रारम्भिक रचनाएँ हैं, इसलिए इनका दोहरा महत्त्व है। एक ओर ये हमें उनकी रचनात्मक प्रतिभा के शैशव तक ले जाती हैं, तो दूसरी ओर समकालीन कथा-साहित्य में उस नयी कथा-प्रवृत्ति का उदयाभास कराती हैं जो बाद में उनकी अन्य महत्त्वपूर्ण कहानियों और उपन्यासों में परिपक्व हुई और जिसने एक समूचे कथायुग को प्रभावित किया। रेणु की कहानियाँ मानव-जीवन के प्रति गहन रागात्मकता का परिणाम हैं। वे उनके यथार्थ को समग्रता में पकड़ने और उसकी तरल त अभिव्यक्ति में विश्वास रखते हैं। हम उनके पात्रों के साथ-साथ उदास और उल्लसित हो उठते हैं। उनमें जो लोक-मानस का विस्तार है, जो रस और संगीत है, वह हमारे मानवीय संवेगों को गहराता है। इन कहानियों के माध्यम से वस्तुतः रेणु एक बार फिर हमें उस रचना-भूमि तक ले जाते हैं, जिसमें पहली बार नहायी धरती के सोंधेपन, बसन्त की मादकता और पसीने की अम्लीय गन्ध का अहसास होने लगता है।

About Author

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Ek Shravani Dophari Ki Dhoop”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[wt-related-products product_id="test001"]

RELATED PRODUCTS

RECENTLY VIEWED