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GOOD ECONOMICS FOR HARD TIMES
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यह पता लगाना हमारे समय की एक बड़ी चुनौती है कि आज की गंभीर आर्थिक समस्याओं से कैसे निपटा जाए। यह अंतरिक्ष यात्रा से कहीं ज़्यादाऔर शायद कैंसर का इलाज करने से भीज़्यादा चुनौती पूर्ण है – इसमें एक बेहतर जीवन की परिकल्पना का विचारऔर शायद पूरा उदार लोकतंत्र ही दाँव पर लगा है।इन समस्याओं को हल करने के लिए हमारे पास संसाधन तो हैं, लेकिन हमारे पास ऐसे विचारों की कमी है, जो असहमति और अविश्वास की उस दीवार को पार करने में हमारी मदद कर सकें, जो हमें बाँट देती है। यदि हम इस खोज में गंभीरता से जुड़ते हैं, और यदि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ज्ञानवान लोग प्रभावशीलता और राजनीतिक व्यावहारिकता के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हमारे सामाजिक कार्यक्रमों को नया स्वरूप देने के लिए सरकारों और नागरिक समाज के साथ काम करते हैं, तभी इतिहास हमारे युग को कृतज्ञता के साथ याद रखेगा। अपनी इस क्रांतिकारी पुस्तक में मशहूरअर्थशास्त्री अभिजीत वी. बैनर्जी और एस्थर डुफ़्लो इस चुनौती को स्वीकार करते हुए अर्थशास्त्र में अत्याधुनिक शोध के आधार पर स्पष्टता और गरिमा के साथ इसकी व्याख्या करते हैं। यह किताब मौलिक, विचारोत्तजक और अत्यावश्यक है, जो करुणा और सम्मान के आधार पर निर्मित समाज के प्रति बुद्धिमत्ता भरे हस्तक्षेप के लिए प्रेरित करती है। यह असाधारण किताब जोखिम भरे ढंग से संतुलित दुनिया का आँकलन करने और उसे समझने में हमारी मदद करेगी।
यह पता लगाना हमारे समय की एक बड़ी चुनौती है कि आज की गंभीर आर्थिक समस्याओं से कैसे निपटा जाए। यह अंतरिक्ष यात्रा से कहीं ज़्यादाऔर शायद कैंसर का इलाज करने से भीज़्यादा चुनौती पूर्ण है – इसमें एक बेहतर जीवन की परिकल्पना का विचारऔर शायद पूरा उदार लोकतंत्र ही दाँव पर लगा है।इन समस्याओं को हल करने के लिए हमारे पास संसाधन तो हैं, लेकिन हमारे पास ऐसे विचारों की कमी है, जो असहमति और अविश्वास की उस दीवार को पार करने में हमारी मदद कर सकें, जो हमें बाँट देती है। यदि हम इस खोज में गंभीरता से जुड़ते हैं, और यदि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ज्ञानवान लोग प्रभावशीलता और राजनीतिक व्यावहारिकता के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हमारे सामाजिक कार्यक्रमों को नया स्वरूप देने के लिए सरकारों और नागरिक समाज के साथ काम करते हैं, तभी इतिहास हमारे युग को कृतज्ञता के साथ याद रखेगा। अपनी इस क्रांतिकारी पुस्तक में मशहूरअर्थशास्त्री अभिजीत वी. बैनर्जी और एस्थर डुफ़्लो इस चुनौती को स्वीकार करते हुए अर्थशास्त्र में अत्याधुनिक शोध के आधार पर स्पष्टता और गरिमा के साथ इसकी व्याख्या करते हैं। यह किताब मौलिक, विचारोत्तजक और अत्यावश्यक है, जो करुणा और सम्मान के आधार पर निर्मित समाज के प्रति बुद्धिमत्ता भरे हस्तक्षेप के लिए प्रेरित करती है। यह असाधारण किताब जोखिम भरे ढंग से संतुलित दुनिया का आँकलन करने और उसे समझने में हमारी मदद करेगी।
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