HINDU HONE KA ARTH (HINDI)
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हिन्दू होने का अर्थ प्राचीन आस्था, नई दुनिया और आप ‘हिंदुत्व और उसके अर्थ के बारे में यह अद्भुत ढंग से किया गया व्यक्तिपरक चिंतन है I ‘ – विवेक देबरॉय 1 अरब अनुयायी ३३ करोड़ देवी-देवता और आप संसार के सबसे प्राचीन धर्मों में से एक. हिन्दू धर्म का आस्थाओं और रीति-रिवाज़ों का एक चिरन्तन मार्ग है जो तीर्थयात्रियों के पदचिन्हों और अध्यात्मज्ञानियों की शिक्षाओं के माध्यम से, मिथक, विज्ञान और राजनीती के ज़रिए अनेक सहत्राब्दियों से बना हुआ है. लेकिन आज के आधुनिक हिन्दू के लिए इस सबका क्या अर्थ है? जो लोग इस धर्म के अनुसरण का उपदेश देते हैं, यह धर्म उनसे किस तरह बर्ताव करता है? धर्मों के इर्द-गिर्द जारी कोलाहलपूर्ण बहस से दूर, यह एक आम हिन्दू की यात्रा है. यह इस बात को समझने की एक कोशिश है कि क्या वजह है कि बहुत सारे हिन्दुओं के लिए उनकी यह आस्था बहुलता के पक्ष में, विविधता में एकता के पक्ष में और ईश्वर कि सर्वव्यापी शक्ति से ज़्यादा मनुष्य के सहस और दृढ़ विशवास का एक सबसे शक्तिशाली तर्क है. हिन्दू होने का अर्थ हिंदुत्व का एक अभूतपूर्व ढंग से किया गया अन्वेषण है – लगभग आपकी आँखों के द्वारा किया गया अन्वेषण. ‘यह पुस्तक एक ह और नवीन परिप्रेक्ष्य उपलब्ध करती है जो एक विशाल फलक के भीतर प्राचीन और आधुनिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक हिंदुत्व को जोड़ती है. और ऐसा करते हुए वः एक अत्यंत निजी आख्यान का सहारा लेती है, जो आकर्षक भी है और विचारों को गीतशील बनने वाला भी. – इंडिया टुडे सेनगुप्ता नै सोच को दर्शाते हैं और उम्मीद जागते हैं. – द हिन्दू यह पुस्तक हमें वाराणसी के मंदिर से लेकर क्वांटम भौतिकी के सिद्धांतों तक ले जाती है. विस्तृत, समृद्ध और स्फूर्तिदायक’ – अमीष त्रिपाठी.
हिन्दू होने का अर्थ प्राचीन आस्था, नई दुनिया और आप ‘हिंदुत्व और उसके अर्थ के बारे में यह अद्भुत ढंग से किया गया व्यक्तिपरक चिंतन है I ‘ – विवेक देबरॉय 1 अरब अनुयायी ३३ करोड़ देवी-देवता और आप संसार के सबसे प्राचीन धर्मों में से एक. हिन्दू धर्म का आस्थाओं और रीति-रिवाज़ों का एक चिरन्तन मार्ग है जो तीर्थयात्रियों के पदचिन्हों और अध्यात्मज्ञानियों की शिक्षाओं के माध्यम से, मिथक, विज्ञान और राजनीती के ज़रिए अनेक सहत्राब्दियों से बना हुआ है. लेकिन आज के आधुनिक हिन्दू के लिए इस सबका क्या अर्थ है? जो लोग इस धर्म के अनुसरण का उपदेश देते हैं, यह धर्म उनसे किस तरह बर्ताव करता है? धर्मों के इर्द-गिर्द जारी कोलाहलपूर्ण बहस से दूर, यह एक आम हिन्दू की यात्रा है. यह इस बात को समझने की एक कोशिश है कि क्या वजह है कि बहुत सारे हिन्दुओं के लिए उनकी यह आस्था बहुलता के पक्ष में, विविधता में एकता के पक्ष में और ईश्वर कि सर्वव्यापी शक्ति से ज़्यादा मनुष्य के सहस और दृढ़ विशवास का एक सबसे शक्तिशाली तर्क है. हिन्दू होने का अर्थ हिंदुत्व का एक अभूतपूर्व ढंग से किया गया अन्वेषण है – लगभग आपकी आँखों के द्वारा किया गया अन्वेषण. ‘यह पुस्तक एक ह और नवीन परिप्रेक्ष्य उपलब्ध करती है जो एक विशाल फलक के भीतर प्राचीन और आधुनिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक हिंदुत्व को जोड़ती है. और ऐसा करते हुए वः एक अत्यंत निजी आख्यान का सहारा लेती है, जो आकर्षक भी है और विचारों को गीतशील बनने वाला भी. – इंडिया टुडे सेनगुप्ता नै सोच को दर्शाते हैं और उम्मीद जागते हैं. – द हिन्दू यह पुस्तक हमें वाराणसी के मंदिर से लेकर क्वांटम भौतिकी के सिद्धांतों तक ले जाती है. विस्तृत, समृद्ध और स्फूर्तिदायक’ – अमीष त्रिपाठी.
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