Delhi Ki Anusuchit
 Jatiyan Va Aarakshan Vyavastha
Delhi Ki Anusuchit Jatiyan Va Aarakshan Vyavastha Original price was: ₹250.Current price is: ₹188.
Back to products
Bharat Mein
 Rashtrapati Pranali (HB)
Bharat Mein Rashtrapati Pranali (HB) Original price was: ₹500.Current price is: ₹375.

Jeevan ko Safal Nahin, Sarthak Banayen

Publisher:
Prabhat Prakashan
| Author:
Rajesh Maheshwari
| Language:
Hindi
| Format:
Hardback
Publisher:
Prabhat Prakashan
Author:
Rajesh Maheshwari
Language:
Hindi
Format:
Hardback

Original price was: ₹500.Current price is: ₹375.

In stock

Ships within:
7-10 Days

In stock

ISBN:
Categories: ,
Page Extent:
184

जीवन में हमेशा याद रखिए कि— —मैंने मजबूती माँगी तो प्रभु ने मुझे मजबूत बनाने के लिए कठिनाइयाँ दीं। —मैंने बुद्धि माँगी, प्रभु ने मुझे समस्याओं को निदान करने के लिए दे दिया। —मैंने संपन्नता माँगी तो प्रभु ने मुझे दिमाग देकर इस दिशा में आगे बढ़ने की सीख दे दी। —मैंने प्रभु से साहस माँगा, प्रभु ने मुझे संकटों को निवारण करने हेतु दे दिया। —मैंने प्यार माँगा तो प्रभु ने कठिनाई में जी रहे लोगों की मदद करने का मौका प्रदान किया। —मैंने खुशहाली माँगी, प्रभु ने मुझे अवसर दे दिया। मैंने जो माँगा वह नहीं मिला, परंतु मुझे जीवन में जो आवश्यकताएँ थीं, वे सबकुछ मिल गई। फादर डेविस ने युवाओं के लिए संदेश दिया है कि जीवन को निडर होकर जिओ, कठिनाइयों का सामना करो और मन में यह दृढ निश्चय रखो कि ऐसा कोई काम नहीं, जिसे तुम नहीं कर सकते। मानवीय सरोकारों का दिग्दर्शन कराती मर्मस्पर्शी छोटी-छोटी कहानियाँ, जो बड़ा संदेश देती हैं।.

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Jeevan ko Safal Nahin, Sarthak Banayen”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Description

जीवन में हमेशा याद रखिए कि— —मैंने मजबूती माँगी तो प्रभु ने मुझे मजबूत बनाने के लिए कठिनाइयाँ दीं। —मैंने बुद्धि माँगी, प्रभु ने मुझे समस्याओं को निदान करने के लिए दे दिया। —मैंने संपन्नता माँगी तो प्रभु ने मुझे दिमाग देकर इस दिशा में आगे बढ़ने की सीख दे दी। —मैंने प्रभु से साहस माँगा, प्रभु ने मुझे संकटों को निवारण करने हेतु दे दिया। —मैंने प्यार माँगा तो प्रभु ने कठिनाई में जी रहे लोगों की मदद करने का मौका प्रदान किया। —मैंने खुशहाली माँगी, प्रभु ने मुझे अवसर दे दिया। मैंने जो माँगा वह नहीं मिला, परंतु मुझे जीवन में जो आवश्यकताएँ थीं, वे सबकुछ मिल गई। फादर डेविस ने युवाओं के लिए संदेश दिया है कि जीवन को निडर होकर जिओ, कठिनाइयों का सामना करो और मन में यह दृढ निश्चय रखो कि ऐसा कोई काम नहीं, जिसे तुम नहीं कर सकते। मानवीय सरोकारों का दिग्दर्शन कराती मर्मस्पर्शी छोटी-छोटी कहानियाँ, जो बड़ा संदेश देती हैं।.

About Author

राजेश माहेश्वरी का जन्म मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में 31 जुलाई, 1954 को हुआ था। उनके द्वारा लिखित ‘क्षितिज’, ‘जीवन कैसा हो’ व ‘मंथन’ (कविता-संग्रह), ‘रात के ग्यारह बजे’ एवं ‘रात ग्यारह बजे के बाद’ (उपन्यास), ‘परिवर्तन’, ‘वे बहत्तर घंटे’, ‘हम कैसे आगे बढ़ें’ एवं ‘प्रेरणा पथ’ (कहानी-संग्रह) तथा पथ-उद्योग से संबंधित विषयों पर पुस्तकें प्रकाशित। राजेशजी परफेक्ट उद्योग समूह, साउथ एवेन्यु मॉल एवं मल्टीप्लेक्स, सेठ मन्नूलाल जगन्नाथ दास चेरिटेबल हॉस्पिटल ट्रस्ट के निदेशक हैं। जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एवं लायंस क्लब इंटरनेशनल के अंतरराष्ट्रीय संयोजक के पद पर भी रहे हैं। अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी, फ्रांस, इंग्लैंड, सिंगापुर, बेल्जियम, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, हांगकांग आदि अनेक देशों की यात्राएँ की हैं। संपर्क: 106, नयागाँव हाउसिंग सोसाइटी, रामपुर, जबलपुर (म.प्र.)। इ-मेल: perfectjbp@yahoo.co.in.

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Jeevan ko Safal Nahin, Sarthak Banayen”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[wt-related-products product_id="test001"]

RELATED PRODUCTS

RECENTLY VIEWED