Jyoun Mehandi Ke Rang
Publisher:
| Author:
| Language:
| Format:
Publisher:
Author:
Language:
Format:
₹500 Original price was: ₹500.₹375Current price is: ₹375.
In stock
Ships within:
In stock
ISBN:
Page Extent:
वैसे तो एक दार्शनिक प्रश्न के अनेक जवाब हो सकते थे। विज्ञान एवं दर्शन में यही तो अंतर है। दर्शनशास्त्र में कहीं दो-दो चार ही होते हैं तो कहीं पाँच भी हो सकते हैं या मात्र तीन। जब टाँगें कटी हों तो अन्य अंगों की सुडौलता की क्या जरूरत। आने-जानेवालों की निगाहें तो अभावग्रस्त स्थान से ही जा टकराएँगी। स्त्रियों को आदर्श का नशा चढ़ जाए तो वे पुरुषों से कई कदम आगे बढ़ जाती हैं। एक के लिए जीने से बेहतर है अनेक के लिए जीना। जो जहाँ जिस रूप में है, आकाश उसे वैसा ही दिखता है; उतना ही दिखता है। उसके लिए उतना ही भर आकाश उसका होता है। ईश्वर ने रोने की शक्ति देकर वरदान ही तो दिया है मनुष्य को। आँखों को धोकर साफ-सुथरा करनेवाला अश्रु। स्रोत अंदर न होता तो मनुष्य की आँखों में कितना कचरा इकट्ठा हो गया होता, उसकी दृष्टि ही चली गई होती। नारी चाहे कितनी ही कम उम्र की हो, पुरुषों को समझने में दक्ष होती है। इसीलिए तो सेवा-काम स्त्रियों के जिम्मे दिया जाता है। —इसी पुस्तक से दिव्यांग-जीवन का दिग्दर्शन कराता मर्मस्पर्शी, मानवीय संवेदना से भरपूर त उपन्यास। 3.
वैसे तो एक दार्शनिक प्रश्न के अनेक जवाब हो सकते थे। विज्ञान एवं दर्शन में यही तो अंतर है। दर्शनशास्त्र में कहीं दो-दो चार ही होते हैं तो कहीं पाँच भी हो सकते हैं या मात्र तीन। जब टाँगें कटी हों तो अन्य अंगों की सुडौलता की क्या जरूरत। आने-जानेवालों की निगाहें तो अभावग्रस्त स्थान से ही जा टकराएँगी। स्त्रियों को आदर्श का नशा चढ़ जाए तो वे पुरुषों से कई कदम आगे बढ़ जाती हैं। एक के लिए जीने से बेहतर है अनेक के लिए जीना। जो जहाँ जिस रूप में है, आकाश उसे वैसा ही दिखता है; उतना ही दिखता है। उसके लिए उतना ही भर आकाश उसका होता है। ईश्वर ने रोने की शक्ति देकर वरदान ही तो दिया है मनुष्य को। आँखों को धोकर साफ-सुथरा करनेवाला अश्रु। स्रोत अंदर न होता तो मनुष्य की आँखों में कितना कचरा इकट्ठा हो गया होता, उसकी दृष्टि ही चली गई होती। नारी चाहे कितनी ही कम उम्र की हो, पुरुषों को समझने में दक्ष होती है। इसीलिए तो सेवा-काम स्त्रियों के जिम्मे दिया जाता है। —इसी पुस्तक से दिव्यांग-जीवन का दिग्दर्शन कराता मर्मस्पर्शी, मानवीय संवेदना से भरपूर त उपन्यास। 3.
About Author
Reviews
There are no reviews yet.

Reviews
There are no reviews yet.