Save: 25%
Save: 25%
कला और संस्कृति I Kala Aur Sanskriti
Publisher:
| Author:
| Language:
| Format:
Publisher:
Author:
Language:
Format:
₹600 Original price was: ₹600.₹450Current price is: ₹450.
Save: 25%
Out of stock
Receive in-stock notifications for this.
Ships within:
Out of stock
| Book Type | |
|---|---|
| Discount |
ISBN:
Page Extent:
‘संस्कृति क्या है’ और ‘कला क्या है’, इन दो प्रश्नों के उत्तर अनेक हो सकते हैं। संस्कृति मनुष्य के भूत, वर्तमान और भावी जीवन का सर्वांगीण प्रकार है। विचार और कर्म के क्षेत्र में राष्ट्र का जो सृजन है, वही उसकी संस्कृति है। संस्कृति मानवीय जीवन की प्रेरक शक्ति है। वह जीवन की प्राणवायु है, जो उसके चैतन्य भाव की साक्षी है। संस्कृति विश्व के प्रति अनंत मैत्री की भावना है। संस्कृति के द्वारा हम दूसरों के साथ संतुलित स्थिति प्राप्त करते हैं। विश्वात्मा के साथ अद्रोह की स्थिति और संप्रीति का भाव उच्च संस्कृति का सर्वोत्तम क है। स्थूल जीवन में संस्कृति की अभिव्यक्ति कला को जन्म देती है। कला का संबंध जीवन के मूर्त रूप से है। संस्कृति को मन और प्राण कहा जाए तो कला उसका शरीर है। कला मानवीय जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। भारतीय कला का क्षेत्र अत्यंत विस्तृत था। प्राचीन काल से आनेवाले अनेक सूत्र नगर और गाँवों के जीवन में अब भी बिखरे हुए हैं। बंगाल की अल्पना, राजस्थान के मेहँदी-माँडने, बिहार के ऐपन, उत्तर प्रदेश के चौक, गुजरात-महाराष्ट्र की रंगोली और दक्षिण-भारत के कोलम—इनके वल्लरी-प्रधान तथा आकृति-प्रधान अलंकरणों में कला की एक अति प्राचीन लोकव्यापी परंपरा आज भी सुरक्षित है। अत्यंत रोचक शैली में लिखी भारतीय कला और संस्कृति का सांगोपांग दिग्दर्शन कराने वाली पठनीय पुस्तक।.
‘संस्कृति क्या है’ और ‘कला क्या है’, इन दो प्रश्नों के उत्तर अनेक हो सकते हैं। संस्कृति मनुष्य के भूत, वर्तमान और भावी जीवन का सर्वांगीण प्रकार है। विचार और कर्म के क्षेत्र में राष्ट्र का जो सृजन है, वही उसकी संस्कृति है। संस्कृति मानवीय जीवन की प्रेरक शक्ति है। वह जीवन की प्राणवायु है, जो उसके चैतन्य भाव की साक्षी है। संस्कृति विश्व के प्रति अनंत मैत्री की भावना है। संस्कृति के द्वारा हम दूसरों के साथ संतुलित स्थिति प्राप्त करते हैं। विश्वात्मा के साथ अद्रोह की स्थिति और संप्रीति का भाव उच्च संस्कृति का सर्वोत्तम क है। स्थूल जीवन में संस्कृति की अभिव्यक्ति कला को जन्म देती है। कला का संबंध जीवन के मूर्त रूप से है। संस्कृति को मन और प्राण कहा जाए तो कला उसका शरीर है। कला मानवीय जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। भारतीय कला का क्षेत्र अत्यंत विस्तृत था। प्राचीन काल से आनेवाले अनेक सूत्र नगर और गाँवों के जीवन में अब भी बिखरे हुए हैं। बंगाल की अल्पना, राजस्थान के मेहँदी-माँडने, बिहार के ऐपन, उत्तर प्रदेश के चौक, गुजरात-महाराष्ट्र की रंगोली और दक्षिण-भारत के कोलम—इनके वल्लरी-प्रधान तथा आकृति-प्रधान अलंकरणों में कला की एक अति प्राचीन लोकव्यापी परंपरा आज भी सुरक्षित है। अत्यंत रोचक शैली में लिखी भारतीय कला और संस्कृति का सांगोपांग दिग्दर्शन कराने वाली पठनीय पुस्तक।.
About Author
Reviews
There are no reviews yet.
Related products
Portraiture in South Asia since the Mughals
Save: 25%
Destination Art
Save: 20%
Rajasthan – Delhi – Agra: UN Art De Vivre Indo-Musulman
Save: 20%
NEPAL Nostalgia and Modernity HB
Save: 20%
Swatantrata Sangharsh Aur Bharat Kee Sanrachana (1883-1984 Ke 75 Bhashnon Mein)
Save: 25%
Farsi Mahakavya Mein Dastangoi Shahnama A Ferdowsi
Save: 20%
Gadar Party Ke Inqualabi
Save: 1%
Lust For Life
Save: 25%
PAPER FOLDING-1
Save: 10%
Portuguese Sea Forts Goa, with Chaul, Korlai and Vasai
Save: 20%
Jitish Kallat
Save: 20%
ANCIENT EGYPTIAN ART AND ARCHITECTURE VS
Save: 15%
RELATED PRODUCTS
Rang Dastavez Sau Saal (2 Volume Set )
Save: 25%
Farsi Mahakavya Mein Dastangoi Shahnama A Ferdowsi
Save: 20%
Gadar Party Ke Inqualabi
Save: 1%
Lust For Life
Save: 25%
Museum Collection of Claude Monet
Save: 25%
Portuguese Sea Forts Goa, with Chaul, Korlai and Vasai
Save: 20%
Public Transportation : On The Move …
Save: 20%
Shaharnama Faizabad
Save: 25%
Swatantrata Sangharsh Aur Bharat Kee Sanrachana (1883-1984 Ke 75 Bhashnon Mein)
Save: 25%
The Pilgrim’s Bowl: –
Save: 15%
Tramjatra: Imaging Melbourne and Kolkata by Tramways
Save: 15%
RECENTLY VIEWED
Fuzzy Machine Learning Algorithms For Remote Sensing Image Classification
Save: 10%
Olympiad Excellence Book Science – Class VI
Save: 1%

Reviews
There are no reviews yet.