Description
शहीद-ए-आजम भगत सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक उग्र विचार, गहन अध्ययन और अटूट बलिदान का प्रतीक हैं। यह किताब भगत सिंह के व्यापक जीवन को एक अद्वितीय और भावनात्मक दस्तावेजीकरण के माध्यम से प्रस्तुत करती है। इसमें उनके जीवन के हर पहलू को उन लोगों की आँखों से देखा गया है, जो उनके सबसे करीब थे। इसमें उनके माता-पिता और रिश्तेदारों की ममतामयी स्मृतियाँ हैं जो उनके बचपन की मासूमियत और पारिवारिक मूल्यों को दर्शाती हैं। शिव वर्माऔर दुर्गा भाभी जैसे क्रांतिकारी मित्रों के साथ साझा किए गए सपने, संगठन की रणनीतियाँ और जेल के भीतर हुई उनकी बौद्धिक बहसों का विस्तृत लेखा-जोखा भी इस किताब का हिस्सा है।





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