Save: 20%
Save: 15%
मृत्युंजय | Mrityunjaya (hindi)
Publisher:
| Author:
| Language:
| Format:
Publisher:
Author:
Language:
Format:
₹850 Original price was: ₹850.₹680Current price is: ₹680.
Save: 20%
Out of stock
Receive in-stock notifications for this.
Ships within:
Out of stock
| Book Type | |
|---|---|
| Discount |
ISBN:
Page Extent:
मृत्युंजय – मराठी के यशस्वी उपन्यासकार शिवाजी सावन्त का सांस्कृतिक उपन्यास ‘मृत्युंजय’ आधुनिक भारतीय कथा-साहित्य में निस्सन्देह एक विरल चमत्कार है। ‘मूर्तिदेवी पुरस्कार’ सहित कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित और अनेक भारतीय एवं विदेशी भाषाओं में अनूदित यह कालजयी उपन्यास अपने लाखों पाठकों की सराहना पाकर इस समय भारतीय साहित्य जगत में लोकप्रियता के शिखर पर प्रतिष्ठित है। ‘मृत्युंजय’ उपन्यास महारथी दानवीर कर्ण के विराट् व्यक्तित्व पर केन्द्रित है। महाभारत के कई मुख्य पात्रों के बीच——जहाँ स्वयं कृष्ण भी हैं। कर्ण की ओजस्वी, उदार, दिव्य और सर्वांगीण छवि प्रस्तुत करते हुए श्री सावन्त ने जीवन की सार्थकता, उसकी नियति और मूल-चेतना तथा मानव-सम्बन्धों की स्थिति एवं संस्कारशीलता की मार्मिक और कलात्मक अभिव्यक्ति की है। ‘मृत्युंजय’ में पौराणिक कथ्य और सनातन सांस्कृतिक चेतना के अन्तःसम्बन्धों को पूरी गरिमा के साथ उजागर किया गया है। उपन्यास को महाकाव्य का धरातल देकर चरित्र की इतनी सूक्ष्म पकड़, शैली का इतना सुन्दर निखार और भावनाओं की अभिव्यक्ति में इतना मार्मिक रसोद्रेक——सब-कुछ इस उपन्यास में अनूठा है। प्रस्तुत है ‘मृत्युंजय’ का यह नवीनतम संस्करण।
मृत्युंजय – मराठी के यशस्वी उपन्यासकार शिवाजी सावन्त का सांस्कृतिक उपन्यास ‘मृत्युंजय’ आधुनिक भारतीय कथा-साहित्य में निस्सन्देह एक विरल चमत्कार है। ‘मूर्तिदेवी पुरस्कार’ सहित कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित और अनेक भारतीय एवं विदेशी भाषाओं में अनूदित यह कालजयी उपन्यास अपने लाखों पाठकों की सराहना पाकर इस समय भारतीय साहित्य जगत में लोकप्रियता के शिखर पर प्रतिष्ठित है। ‘मृत्युंजय’ उपन्यास महारथी दानवीर कर्ण के विराट् व्यक्तित्व पर केन्द्रित है। महाभारत के कई मुख्य पात्रों के बीच——जहाँ स्वयं कृष्ण भी हैं। कर्ण की ओजस्वी, उदार, दिव्य और सर्वांगीण छवि प्रस्तुत करते हुए श्री सावन्त ने जीवन की सार्थकता, उसकी नियति और मूल-चेतना तथा मानव-सम्बन्धों की स्थिति एवं संस्कारशीलता की मार्मिक और कलात्मक अभिव्यक्ति की है। ‘मृत्युंजय’ में पौराणिक कथ्य और सनातन सांस्कृतिक चेतना के अन्तःसम्बन्धों को पूरी गरिमा के साथ उजागर किया गया है। उपन्यास को महाकाव्य का धरातल देकर चरित्र की इतनी सूक्ष्म पकड़, शैली का इतना सुन्दर निखार और भावनाओं की अभिव्यक्ति में इतना मार्मिक रसोद्रेक——सब-कुछ इस उपन्यास में अनूठा है। प्रस्तुत है ‘मृत्युंजय’ का यह नवीनतम संस्करण।
About Author
Reviews
There are no reviews yet.
Related products
BUNI HUI RASSI
Save: 0%
Tilak
Save: 35%
Aakhiri Ghari
Save: 35%
Bharat Bharti
Save: 35%
Nainan Mein Aan-Baan I नैनन में आन-बान
Save: 25%
HAMARA SAMVIDHAN BY SUBHASH KASHYAP HINDI
Save: 5%
White Nights । व्हाइट नाइट्स
Save: 1%
Godavari: Aashcharya aur gyaan ki nadi
Save: 1%
Narmada: Shiv ke paseene se utpann hui nadi
Save: 1%
Saraswati: Vah nadi jo bahna band ho gayi
Save: 1%
Dravida Rajneeti : Periyar Se Jayalalithaa Tak | द्रविड़ राजनीति : पेरियार से जयललिता तक
Save: 20%
Days at the Morisaki Bookshop | मोरीसाकी बुकशॉप के खुशनुमा दिन
Save: 30%
RELATED PRODUCTS
Aakhiri Ghari
Save: 35%
Aman Ke Farishtey
Save: 20%
Andhere Mein Jalta Ek Chirag
Save: 20%
Ath Premanand Katha । अथ प्रेमानंद कथा
Save: 20%
Baavni Imli
Save: 20%
Bhagwan Buddha Aur Unka Dhamma
Save: 10%
Bharat Bharti
Save: 35%
Bharat KI Sarawat Sadhana
Save: 30%
BUNI HUI RASSI
Save: 0%
Congress House
Save: 20%
Damnak Jahanabadi Ki Vifal-Gatha
Save: 20%
Dhuadhar । धुआँधार
Save: 30%
Ganga: Teenon lokon mein pravahit hone wali nadi
Save: 1%
Godavari: Aashcharya aur gyaan ki nadi
Save: 1%
HAMARA SAMVIDHAN BY SUBHASH KASHYAP HINDI
Save: 5%
Huma Ka Pankh
Save: 20%
Jaago Maa / जागो माँ
Save: 0%
Kaaljayi Kavi Aur Unka Kavya: Namdev
Save: 20%
Kautuk
Save: 0%
Main Nastik Kyon Hoon?
Save: 20%
Maine Gandhi Ko Kyun Mara
Save: 1%
Meri Jail Diary
Save: 20%
Mirza Galib Ke Mashur Sheron Shayri
Save: 10%
Nainan Mein Aan-Baan I नैनन में आन-बान
Save: 25%
Narmada: Shiv ke paseene se utpann hui nadi
Save: 1%
Naya Bani Mohabbat Mein
Save: 20%
Premchand Ki Hindu-Muslim Sadbhav Kathayen
Save: 20%
Premchand Ki Stree Kathayen
Save: 20%
Roshani, Chhipkali Aur Patanga । रोशनी, छिपकली और पतंगा
Save: 20%
Saraswati: Vah nadi jo bahna band ho gayi
Save: 1%
Saryu: Vishnu ke aansuon se prakat hui nadi
Save: 1%
Shayari Sadabahar: Khushboo-Sa Bikharna Mera
Save: 20%
Shayari Sadabahar: Saye Se Mukhatib
Save: 20%
Shayari Sadabahar: Tumhare Baare Mein Keh Raha Tha
Save: 20%
Silwaton Bhari Rooh
Save: 20%
Tilak
Save: 35%
Ucchatar Arthik Siddhanth
Save: 15%
Upar Baitha Ek Nithalla
Save: 20%
White Nights । व्हाइट नाइट्स
Save: 1%
Wife Swapping
Save: 20%
Wife Swapping
Save: 25%
Yamuna: Manoram leelaon se judi nadi
Save: 1%
Yuddh Aur Shanti (1-4) | युद्ध और शान्ति (1-4)
Save: 30%
Zinda Rehne Ki Zid
Save: 20%
अमृत कुम्भ: हिन्दू भाव का मंगल कलश I Amrit Kumbh: Hindu Bhav Ka Mangal Kalash
Save: 30%
पोटली के दाने – आलोक कुमार मिश्रा
Save: 20%
विसर्जन (उपन्यास) — राजू शर्मा
Save: 20%
हृदय दीप तथा अन्य चयनित कहानियाँ I Heart Lamp Hindi
Save: 20%

Reviews
There are no reviews yet.