Description
भारतवर्ष के इतिहास की किसी भी विगतसंशय व्याख्या में शिवाजी का स्थान स्वयमेव सुनिश्चित हो जाता है । उनका स्थान हमारे इतिहास में वही है जो चन्द्रगुप्त मौर्य का है, जो सेनापति पुष्यमित्र शुंग, शकारि विक्रमादित्य और सम्राट स्कंदगुप्त का है । इन अन्यान्य महापराक्रमी महाराजाओं के समान शिवाजी ने स्वजाति के आत्म-परित्राणत्मक संग्राम को विजयोन्मुख करके इतिहास के प्रवाह को पलट दिया था ।





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