Shayari Sadabahar: Tumhare Baare Mein Keh Raha Tha
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अश्क आँखों से दिले-ज़ार से आहें निकलीं
तब कहीं जाके ये अशआर ये ग़ज़लें निकलीं
‘‘इस किताब का हर शब्द मुहब्बतों में डूबी एक दास्तान है। जो कुछ है महबूब का, महबूब के लिए मगर एक साफ़ कहने वाले आशिक़ की ओर से। कहीं-कहीं दुनिया भी शामिल है, लेकिन बस नाम की। किताब के नाम से लेकर उसमें शामिल ग़ज़लों और नज़्मों तक, सब कुछ इश्क़ की आपबीती है। एक दिल की दुनिया है, जो सिर्फ़ उनके पढ़ने वालों पर खुलती है। ग़ज़ल की परिभाषा को सौ फ़ीसदी चरितार्थ करती हुई किताब…तुम्हारे बारे में कह रहा था । उनके यहाँ ताज़गी है, नयापन है, कथ्य और भाषा पर पूरी पकड़ है। वो जिस तरह की शाइरी करते हैं, उससे उनकी सोच की परिपक्वता और कलात्मक उत्कृष्टता का अहसास होता है।’’
– शकील जमाली
अश्क आँखों से दिले-ज़ार से आहें निकलीं
तब कहीं जाके ये अशआर ये ग़ज़लें निकलीं
‘‘इस किताब का हर शब्द मुहब्बतों में डूबी एक दास्तान है। जो कुछ है महबूब का, महबूब के लिए मगर एक साफ़ कहने वाले आशिक़ की ओर से। कहीं-कहीं दुनिया भी शामिल है, लेकिन बस नाम की। किताब के नाम से लेकर उसमें शामिल ग़ज़लों और नज़्मों तक, सब कुछ इश्क़ की आपबीती है। एक दिल की दुनिया है, जो सिर्फ़ उनके पढ़ने वालों पर खुलती है। ग़ज़ल की परिभाषा को सौ फ़ीसदी चरितार्थ करती हुई किताब…तुम्हारे बारे में कह रहा था । उनके यहाँ ताज़गी है, नयापन है, कथ्य और भाषा पर पूरी पकड़ है। वो जिस तरह की शाइरी करते हैं, उससे उनकी सोच की परिपक्वता और कलात्मक उत्कृष्टता का अहसास होता है।’’
– शकील जमाली
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