The Complete Mahabharata (The Only Edition with Sanskrit Text and Hindi Translation) - Six Volumes
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गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित महाभारत का यह पूर्ण संस्करण, जो कि छह खंडों में विभाजित है, भारतीय साहित्य और संस्कृति का एक अनमोल धरोहर है। इस अद्वितीय ग्रन्थ में मूल संस्कृत श्लोकों के साथ उनका हिंदी अनुवाद एवं टीका भी शामिल है, जिससे पाठक महाकाव्य के गूढ़ अर्थों और दार्शनिक संदेशों को आसानी से समझ सकते हैं। गीता प्रेस, जो कि हिंदू धार्मिक ग्रन्थों के प्रकाशन में अग्रणी संस्था है, ने इस संस्करण को अत्यंत शास्त्रीय और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत किया है।
प्रथम खंड से लेकर षष्ठम खंड तक, प्रत्येक खंड में महाभारत की कथा, युद्ध की स्थिति, नैतिक दुविधाएं, कर्तव्य और धर्म के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत वर्णन किया गया है। इसमें भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश, नीति, कर्म और जीवन के मौलिक सिद्धांतों की गूढ़ व्याख्या भी प्रस्तुत है। संस्कृत श्लोकों के साथ हिंदी अनुवाद पाठकों को मूल संदेश से अवगत कराता है, जबकि टीका उन्हें संदर्भ एवं अर्थ की व्यापक समझ प्रदान करता है।
यह संस्करण न केवल धार्मिक अध्ययन के लिए उपयुक्त है, बल्कि भारतीय इतिहास, दर्शन और नैतिक मूल्यों के अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। महाभारत के विभिन्न खंडों में वर्णित घटनाओं, पात्रों और आदर्शों का विश्लेषण आधुनिक समाज में भी नैतिकता एवं धर्म के संदेश को समझने में सहायक सिद्ध होता है। गीता प्रेस द्वारा यह प्रयास सुनिश्चित करता है कि पाठक न केवल कथा का मनोरंजन प्राप्त करें, बल्कि उसमें निहित दार्शनिक और सामाजिक सिद्धांतों को भी आत्मसात कर सकें।
इस प्रकार, छह खंडों में विभाजित यह महाभारत का सेट भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा का उत्कृष्ट प्रतिनिधित्व करता है और यह अध्ययन, चिंतन एवं सामाजिक-नैतिक मूल्यों के आदान-प्रदान का एक श्रेष्ठ माध्यम है।
गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित महाभारत का यह पूर्ण संस्करण, जो कि छह खंडों में विभाजित है, भारतीय साहित्य और संस्कृति का एक अनमोल धरोहर है। इस अद्वितीय ग्रन्थ में मूल संस्कृत श्लोकों के साथ उनका हिंदी अनुवाद एवं टीका भी शामिल है, जिससे पाठक महाकाव्य के गूढ़ अर्थों और दार्शनिक संदेशों को आसानी से समझ सकते हैं। गीता प्रेस, जो कि हिंदू धार्मिक ग्रन्थों के प्रकाशन में अग्रणी संस्था है, ने इस संस्करण को अत्यंत शास्त्रीय और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत किया है।
प्रथम खंड से लेकर षष्ठम खंड तक, प्रत्येक खंड में महाभारत की कथा, युद्ध की स्थिति, नैतिक दुविधाएं, कर्तव्य और धर्म के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत वर्णन किया गया है। इसमें भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश, नीति, कर्म और जीवन के मौलिक सिद्धांतों की गूढ़ व्याख्या भी प्रस्तुत है। संस्कृत श्लोकों के साथ हिंदी अनुवाद पाठकों को मूल संदेश से अवगत कराता है, जबकि टीका उन्हें संदर्भ एवं अर्थ की व्यापक समझ प्रदान करता है।
यह संस्करण न केवल धार्मिक अध्ययन के लिए उपयुक्त है, बल्कि भारतीय इतिहास, दर्शन और नैतिक मूल्यों के अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। महाभारत के विभिन्न खंडों में वर्णित घटनाओं, पात्रों और आदर्शों का विश्लेषण आधुनिक समाज में भी नैतिकता एवं धर्म के संदेश को समझने में सहायक सिद्ध होता है। गीता प्रेस द्वारा यह प्रयास सुनिश्चित करता है कि पाठक न केवल कथा का मनोरंजन प्राप्त करें, बल्कि उसमें निहित दार्शनिक और सामाजिक सिद्धांतों को भी आत्मसात कर सकें।
इस प्रकार, छह खंडों में विभाजित यह महाभारत का सेट भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा का उत्कृष्ट प्रतिनिधित्व करता है और यह अध्ययन, चिंतन एवं सामाजिक-नैतिक मूल्यों के आदान-प्रदान का एक श्रेष्ठ माध्यम है।
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