श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण: The Ramayana of Valmiki: A Set of Two Volumes (Sanskrit Text with Hindi Translation)

Publisher:
GITA PRESS
| Author:
GITA PRESS
| Language:
Sanskrit I Hindi
| Format:
Hardback
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2100

श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण’ गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित एक प्रतिष्ठित ग्रंथ है, जो महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण का मूल संस्कृत पाठ और उसका हिंदी अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह दो खंडों में उपलब्ध है, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन की समस्त घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। पुस्तक में संस्कृत श्लोकों के साथ सरल हिंदी अनुवाद दिया गया है, जिससे पाठकों को गूढ़ विषयों को समझने में सुविधा होती है।

इस महाकाव्य में भगवान श्रीराम के जीवन की घटनाओं के माध्यम से धर्म, कर्तव्य, भक्ति, और आदर्श जीवन मूल्यों की शिक्षा दी गई है। पुस्तक में बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, युद्धकांड, और उत्तरकांड जैसे सात कांडों के माध्यम से श्रीराम के जीवन की समस्त घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह ग्रंथ न केवल धार्मिक अध्ययन के लिए उपयोगी है, बल्कि यह आध्यात्मिक साधना और आत्मिक उन्नति के इच्छुक पाठकों के लिए भी एक अमूल्य संसाधन है।

गीता प्रेस की यह प्रस्तुति न केवल धार्मिक अध्ययन के लिए उपयोगी है, बल्कि यह आध्यात्मिक साधना और आत्मिक उन्नति के इच्छुक पाठकों के लिए भी एक अमूल्य संसाधन है। पुस्तक का प्रकाशन उच्च गुणवत्ता वाली छपाई और विश्वसनीयता के साथ किया गया है, जिससे यह हर घर के लिए एक आवश्यक धार्मिक ग्रंथ बन जाती है। यह महाकाव्य न केवल धार्मिक ज्ञान का भंडार है, बल्कि यह जीवन के विभिन्न पहलुओं में मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिससे पाठक आध्यात्मिक शांति और संतुलन प्राप्त कर सकते हैं।

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श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण’ गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित एक प्रतिष्ठित ग्रंथ है, जो महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण का मूल संस्कृत पाठ और उसका हिंदी अनुवाद प्रस्तुत करता है। यह दो खंडों में उपलब्ध है, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन की समस्त घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। पुस्तक में संस्कृत श्लोकों के साथ सरल हिंदी अनुवाद दिया गया है, जिससे पाठकों को गूढ़ विषयों को समझने में सुविधा होती है।

इस महाकाव्य में भगवान श्रीराम के जीवन की घटनाओं के माध्यम से धर्म, कर्तव्य, भक्ति, और आदर्श जीवन मूल्यों की शिक्षा दी गई है। पुस्तक में बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, युद्धकांड, और उत्तरकांड जैसे सात कांडों के माध्यम से श्रीराम के जीवन की समस्त घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह ग्रंथ न केवल धार्मिक अध्ययन के लिए उपयोगी है, बल्कि यह आध्यात्मिक साधना और आत्मिक उन्नति के इच्छुक पाठकों के लिए भी एक अमूल्य संसाधन है।

गीता प्रेस की यह प्रस्तुति न केवल धार्मिक अध्ययन के लिए उपयोगी है, बल्कि यह आध्यात्मिक साधना और आत्मिक उन्नति के इच्छुक पाठकों के लिए भी एक अमूल्य संसाधन है। पुस्तक का प्रकाशन उच्च गुणवत्ता वाली छपाई और विश्वसनीयता के साथ किया गया है, जिससे यह हर घर के लिए एक आवश्यक धार्मिक ग्रंथ बन जाती है। यह महाकाव्य न केवल धार्मिक ज्ञान का भंडार है, बल्कि यह जीवन के विभिन्न पहलुओं में मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिससे पाठक आध्यात्मिक शांति और संतुलन प्राप्त कर सकते हैं।

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