युगन युगन योगी | Yugan Yugan Yogi

Publisher:
Penguin Swadesh
| Author:
Arundhati Subramaniam
| Language:
Hindi
| Format:
Papeback
Publisher:
Penguin Swadesh
Author:
Arundhati Subramaniam
Language:
Hindi
Format:
Papeback

Original price was: ₹299.Current price is: ₹239.

In stock

Ships within:
7-10 Days

In stock

ISBN:
Page Extent:
320

अस्तित्व की गुठियों को सुलझाने और सत्य की झलक पाने में मनुष्य हमेशा से यात्राएँ करता रहा है। उसकी यात्राओं की कहानियाँ युगों पुरानी हैं। कई बार ये यात्राएँ कुछ वर्षों में पूरी हो जाती हैं, तो कई बार कोई यात्रा कई जन्मों तक चलती है।

पढ़िए ऐसी ही एक अनूठी यात्रा की कहानी, एक ऐसे असाधारण मनुष्य की कहानी, जिसने सत्य की खोज में अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया।

एक ऐसा विद्रोही, जिसे समाज के नियमों का उल्लंघन करने के लिए मौत की सजा मिली। राह में मिली चुनौतियाँ भी उसे डिगा नहीं सकीं। उसका संकल्प नहीं घटा, उसके अरमान नहीं टूटे, उसकी दीवानगी नहीं उतरी। तीन सौ साल बाद उसी इंसान ने ऐसी आध्यात्मिक क्रांति पैदा की, जिसने विश्व को हिला कर रख दिया।

उस इंसान को हम सद्गुरु के नाम से जानते हैं।

सद्गुरु एक आत्मज्ञानी, युगदृष्टा और योगी हैं, जिनकी सत्य की खोज उन्हें जीवन और मृत्यु के पार ले गई। इस पुस्तक में पढ़िए सद्गुरु के कई जन्मों की कहानी।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “युगन युगन योगी | Yugan Yugan Yogi”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Description

अस्तित्व की गुठियों को सुलझाने और सत्य की झलक पाने में मनुष्य हमेशा से यात्राएँ करता रहा है। उसकी यात्राओं की कहानियाँ युगों पुरानी हैं। कई बार ये यात्राएँ कुछ वर्षों में पूरी हो जाती हैं, तो कई बार कोई यात्रा कई जन्मों तक चलती है।

पढ़िए ऐसी ही एक अनूठी यात्रा की कहानी, एक ऐसे असाधारण मनुष्य की कहानी, जिसने सत्य की खोज में अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया।

एक ऐसा विद्रोही, जिसे समाज के नियमों का उल्लंघन करने के लिए मौत की सजा मिली। राह में मिली चुनौतियाँ भी उसे डिगा नहीं सकीं। उसका संकल्प नहीं घटा, उसके अरमान नहीं टूटे, उसकी दीवानगी नहीं उतरी। तीन सौ साल बाद उसी इंसान ने ऐसी आध्यात्मिक क्रांति पैदा की, जिसने विश्व को हिला कर रख दिया।

उस इंसान को हम सद्गुरु के नाम से जानते हैं।

सद्गुरु एक आत्मज्ञानी, युगदृष्टा और योगी हैं, जिनकी सत्य की खोज उन्हें जीवन और मृत्यु के पार ले गई। इस पुस्तक में पढ़िए सद्गुरु के कई जन्मों की कहानी।

About Author

अरुंधति सुब्रमण्यम एक प्रमुख भारतीय कवयित्री और लेखिका हैं। उनके गद्य का क्षेत्र में समकालीन महिला आध्यात्मिक यात्रियों पर एक नई पुस्तक, "वीमेन हूवियर ओनली डेमसेल्व्स," शामिल है; "द बुक ऑफ़ बुद्धा" और "आदियोगी: द सौर्स ऑफ़ योगा" (सद्गुरु के साथ सह-लेखक)। संपादक के रूप में, वे भक्ति का व्य, ईटिंग गॉड, और पवित्र यात्राओं, पिलग्रिम्स इंडिया आदि के प्रशंसित पेंगुइन संकलनों की लेखिका हैं। साहित्य अकादमी पुरस्कार 2020 की प्राप्तकर्ता, उन्हें 2015 में कविता के लिए टीएस एलियट पुरस्कार के लिए चुना गया था। अन्य पुरस्कारों में उद्घाटन खुशवंत सिंह पुरस्कार, कविता के लिए रज़ा पुरस्कार, इटली में इल सेप्पो पुरस्कार, मिस्टिक कलिंगा पुरस्कार शामिल हैं। साहित्य के लिए ज़ी भारतीय महिला पुरस्कार, होमी भाभा और चार्ल्स वॉलेस फ़ेलो शिप आदि भी शामिल हैं।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “युगन युगन योगी | Yugan Yugan Yogi”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[wt-related-products product_id="test001"]

RELATED PRODUCTS

RECENTLY VIEWED